महाशिवरात्रि2026 me 15/02/26] ko manayi jayegi.

 समुद्र मंथन के समय जब भयानक हलाहल विष निकला, तब पूरी सृष्टि संकट में पड़ गई। तब भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया। इसी कारण वे नीलकंठ कहलाए।

एक शिकारी अनजाने में रात भर शिवलिंग के ऊपर बैठा रहा। उसके हाथ से बेलपत्र गिरते रहे, जो शिवलिंग पर अर्पित हो गए। उसकी सच्ची भावना से प्रसन्न होकर महादेव ने उसे मोक्ष प्रदान किया।

✔ व्रत और रात्रि जागरण करें ✔ शिवलिंग पर जल व दूध अर्पित करें ✔ बेलपत्र और भस्म चढ़ाएं ✔ “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें

ॐ नमः शिवाय

यह मंत्र मन को शांति, आत्मा को शक्ति और जीवन को नई दिशा देता है।

समापन पंक्ति: इस महाशिवरात्रि महादेव आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें 🙏 हर हर महादेव!